A PATHLESS TRAVELER
Feb 21, 2015
विपर्यय : 1
लहर लहर प्रवाहमान
जल की तरंगों में
वृक्ष बन देखता हूँ
अपना अक्स
किसी रस्सी सा
और बहने लगता हूँ
किसी सर्प सा !
अ से
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