Oct 17, 2014

खिड़की


एक सपाट दीवार
जिस पर बना है एक चतुर्भुज
वो गौर से देखता है एक खिड़की
उठकर उसका दरवाजा खोलता है
भीतर आयी रौशनी में भर जाता है विस्मय से 
आजादी के ख़यालों में तैरने लगता है कक्ष की सीमिति में
वो अनुमान लगाता है दीवारों की मोटाई का
रौशनदानों में झांकता है सुरंग उम्मीद की
आखिर में तलाशता है मुख्य दरवाजा
और फिर से पुष्टि करता है
वो कैद है अब तक !
उसी की तरह कैद हैं और भी !
ये कानून जिंदा नहीं हो सकते !
ये पर्दे एक जीवन का बचाव नहीं कर सकते !
इन दरवाजों से कभी कोई बाहर नहीं आ सकता !
एक बहुमंजिला इमारत के
अति संवेदनशील मालों की
खिडकियों में खड़े हैं कुछ लोग
इस ओर जीवन है जिससे वो तंग आ चुके हैं !

अ से

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