तराजू का कांटा ,
शिव की तीसरी आँख ,
निर्णय ..
मुक़र्रर फैसला ,
सनातन तय ,
सनातन तम ,
निश्चित पहले से ..
न्याय की देवी ,
आँखों पर काली पट्टी ,
ममता की ,
कोई गांधारी ...
फैसला ,
जहाँ प्राण ज्यादा बड़े हैं प्रेम से ...
प्रारब्ध ,
काल द्व्रारा तय शुदा ,
लिखा हुआ फैसला ...
निर्णय ,
एक भार ,
पलड़ा एक तरफ ,
जिसकी चाह भारी थी ,
अपराध भी उसका बड़ा था ,
पलड़ा उसी के पक्ष में पड़ा ...
जिसका प्रेम गहरा था ,
और दिल शांति चाहता था ,
चाह कुछ भी नही ,
या शायद सबसे बड़ी ,
जो इश्वर भी ना पूरी कर पाएं ...
~ अनुज
शिव की तीसरी आँख ,
निर्णय ..
मुक़र्रर फैसला ,
सनातन तय ,
सनातन तम ,
निश्चित पहले से ..
न्याय की देवी ,
आँखों पर काली पट्टी ,
ममता की ,
कोई गांधारी ...
फैसला ,
जहाँ प्राण ज्यादा बड़े हैं प्रेम से ...
प्रारब्ध ,
काल द्व्रारा तय शुदा ,
लिखा हुआ फैसला ...
निर्णय ,
एक भार ,
पलड़ा एक तरफ ,
जिसकी चाह भारी थी ,
अपराध भी उसका बड़ा था ,
पलड़ा उसी के पक्ष में पड़ा ...
जिसका प्रेम गहरा था ,
और दिल शांति चाहता था ,
चाह कुछ भी नही ,
या शायद सबसे बड़ी ,
जो इश्वर भी ना पूरी कर पाएं ...
~ अनुज
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