अंधा अगर आइना ,
दंतहीन अगर ईख ,
बेसुरा जो बांसुरी ,
संदेही अगर सीख ,
पा भी जाए तो क्या ...
पात्र हो तो धन मिले पात्र हो तो धुन ,
पात्र को तो ज्ञान हो , पात्र हो तो गुण ,
योग कर्म कौशल्य है , पात्र है अगुन !!
~ अ-से
दंतहीन अगर ईख ,
बेसुरा जो बांसुरी ,
संदेही अगर सीख ,
पा भी जाए तो क्या ...
पात्र हो तो धन मिले पात्र हो तो धुन ,
पात्र को तो ज्ञान हो , पात्र हो तो गुण ,
योग कर्म कौशल्य है , पात्र है अगुन !!
~ अ-से
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