ग़म के अंधेरों में ,
ख़ामोशी लिबास ओढ़े ,
सिसकते एहसास ,
जहन में जलती रंगीन रोशनियाँ ,
और आँखों में सूखता जाता इंतज़ार ...
तेरे सृष्ट में समाई तेरी हर एक बयानी ॥
घायल एहसासों सी रीढ़ ,
बिखरे भरोसों के झुके काँधे ,
छलनी सा छिद्रित मन ,
और फिर से आस लगाता प्यार ...
तेरा पृष्ठ कहता है तेरी हर एक कहानी ॥
.................................................. ~ अ-से
ख़ामोशी लिबास ओढ़े ,
सिसकते एहसास ,
जहन में जलती रंगीन रोशनियाँ ,
और आँखों में सूखता जाता इंतज़ार ...
तेरे सृष्ट में समाई तेरी हर एक बयानी ॥
घायल एहसासों सी रीढ़ ,
बिखरे भरोसों के झुके काँधे ,
छलनी सा छिद्रित मन ,
और फिर से आस लगाता प्यार ...
तेरा पृष्ठ कहता है तेरी हर एक कहानी ॥
.................................................. ~ अ-से
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