खुद ही तारीफ लेता हूँ खुद को ,
और तौल लेता हूँ दीवारों से अपनी मजबूती ,
आईने में नाप लेता हूँ अपनी सुन्दरता ,
किसी से नहीं पूछता कैसा लग रहा हूँ मैं ,
अब नहीं झांकता अपने मन में ,
मुझे पता है खुश ही रहना है मुझे हर हाल ,
और नहीं बताता सच , क्या जी चुका हूँ मैं ,
मुझे पता है अपनी कहानी का एकमात्र पाठक हूँ मैं !!
अ-से
और तौल लेता हूँ दीवारों से अपनी मजबूती ,
आईने में नाप लेता हूँ अपनी सुन्दरता ,
किसी से नहीं पूछता कैसा लग रहा हूँ मैं ,
अब नहीं झांकता अपने मन में ,
मुझे पता है खुश ही रहना है मुझे हर हाल ,
और नहीं बताता सच , क्या जी चुका हूँ मैं ,
मुझे पता है अपनी कहानी का एकमात्र पाठक हूँ मैं !!
अ-से
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