जैसे अर्थ बदल सा जाता है शब्द का वाक्य के साथ
वैसे ही कुछ तेरी खामोशी का भी वाक़िये के साथ
पता है ख़ामोशी भी एक शब्द है
मायने जिसके काफी गहरे और गंभीर हैं
ताश के जोकर की तरह
कहीं भी लगाया जा सकता है इसे
वो तुरुप का पत्ता है ये
जो कहीं भी चला जा सकता है
बस एक बार खुद को समझ आ जाएँ
इसके सही अनुप्रयोग
मायने जिसके काफी गहरे और गंभीर हैं
ताश के जोकर की तरह
कहीं भी लगाया जा सकता है इसे
वो तुरुप का पत्ता है ये
जो कहीं भी चला जा सकता है
बस एक बार खुद को समझ आ जाएँ
इसके सही अनुप्रयोग
सिर्फ शब्द ही मोड़ नहीं देते
एक कहानी को
ख़ामोशी भी बदल देती है
बुरी तरह से
एक लम्बी ख़ामोशी भी
ले आती है बदलाव
कभी ना लौटा सकने वाला
बहुत भारी शब्द है
ये खामोशी
झिलमिलातें हैं जिसमें कई रंग
बैरंग होते हुए भी
ठीक सांझ की झील की तरह
नज़र आते हैं घुलते लहराते
सतत रंग बिरंगे आकार इसमें
एक कहानी को
ख़ामोशी भी बदल देती है
बुरी तरह से
एक लम्बी ख़ामोशी भी
ले आती है बदलाव
कभी ना लौटा सकने वाला
बहुत भारी शब्द है
ये खामोशी
झिलमिलातें हैं जिसमें कई रंग
बैरंग होते हुए भी
ठीक सांझ की झील की तरह
नज़र आते हैं घुलते लहराते
सतत रंग बिरंगे आकार इसमें
पर हर शब्द एक बात है
उस पर ख़ामोशी
एक ख़ास बात
कि इसमें तलाशे जा सकते हैं
फिर अपने ही मायने
कि हर कोई तलाशता है
पर आखिर पता किसे होता है
और हो जाया करती हैं इसीलिए
ग़लतफहमियाँ कई दफा
उस पर ख़ामोशी
एक ख़ास बात
कि इसमें तलाशे जा सकते हैं
फिर अपने ही मायने
कि हर कोई तलाशता है
पर आखिर पता किसे होता है
और हो जाया करती हैं इसीलिए
ग़लतफहमियाँ कई दफा
अब मेरी इस ख़ामोशी को अन्तराल ना समझना अपने बीच ,
ये तो भरी जा रही है नयी पुरानी रंग बिरंगी खट्टी मीठी कहानियों से ॥
ये तो भरी जा रही है नयी पुरानी रंग बिरंगी खट्टी मीठी कहानियों से ॥
अ से
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