एक उदासी घेरे रहती है सोचकर
कि सभी कुछ की तरह तुम्हे भी
लौट जाना होगा एक दिन
कि समय की सुरंग के दुसरे छोर से
झाँकता है अँधेरा अज्ञात का
मैं नहीं जानता उन लोगों को
जो जीते हैं उम्मीद लेकर
मैंने देखा है लोगों को लौट जाते हुए
वो जो आते थे समय के दरवाजे से भीतर !
जो जीते हैं उम्मीद लेकर
मैंने देखा है लोगों को लौट जाते हुए
वो जो आते थे समय के दरवाजे से भीतर !
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