A PATHLESS TRAVELER
Nov 26, 2014
सामने अतीत है मेरे
सामने अतीत है मेरे
पीठ पीछे भविष्य
कंधे ध्यान मग्न हैं
इन दोनों के बीच ।
बाएँ नियति है मेरी
दायें मेरा सामर्थ्य
अन्तःकरण तराजू है
इन दोनों के बीच ।
अ से
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