एक विज्ञानी ने कहा शक्तिशाली ही जीवित है ,
और सारे जीव अवसाद में आ गए ॥
प्रसन्नता का प्रकाश फ़ैलाने को प्रकट हुई अग्नि ,
उनकी ख़ुशी में जल जल मरी दुनिया सारी ॥
एक और बुद्ध निकला घर से ,
उसकी पत्नी ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया ॥
कूद पड़े पतंगे खुदकुशी करने को ,
नहीं आया नाखुश दुनिया में खुश रहना उन्हें ॥
शोक त्यागकर वो अशोक क्या बना ,
कि पूरा कलिंग शोकमग्न हो गया ॥
एक चंगेज और निर्मम हुआ ,
मारी गयी ममता हज़ारों की ॥
वो सिखाते रहे करम आगे बढ़ने का ,
और हर कदम को पाप बताते रहे ॥
सभी तरह की गुलामियों में सबसे बुरी है प्रेम में गुलामी ,
सब जानते बूझते भी बेगारी और दासता स्वीकार करना ॥
< अ-से >
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