Feb 5, 2014

Song -1

मुझ को भी जीना करार दे ..
मेरी सांसों में पुकार दे ...
अब तलक हूँ मैं यहाँ , मुझको कोई ऐतबार दे ...

अपने ही जहाँ में हूँ बसा ,
अपने ही ख़याल में डूबता ,
आँखों में आसमान हो ,
मन को वो फिर आफताब दे ,
मुझको भी कोई ख्वाब हो ,
वो अश्क बेहिसाब दे ...
अब तलक हूँ मैं यहाँ , मुझको कोई ऐतबार दे ...

मुझ को भी जीना करार दे ..
मेरी सांसों में पुकार दे ...
अब तलक हूँ मैं यहाँ , मुझको कोई ऐतबार दे ...

बेखबर सा हूँ एक अरसे से ,
अपनी ही खबर की तलाश है
बेसबब है ये दिल यहाँ ,
इश्क सी कोई शराब से ...
मुझको आकर जताए फिर ,
मुझको भी कोई प्यास है ...
अब तलक हूँ मैं यहाँ , मुझको कोई ऐतबार दे ...

मुझ को भी जीना करार दे ..
मेरी सांसों में पुकार दे ...
अब तलक हूँ मैं यहाँ , मुझको कोई ऐतबार दे ...

< अनुज >

No comments: