उस एक बात के लिए
कही गयी सभी बातों से
अगर एहसास तुम्हे होता है उस एक बात का
जो की बेहद सहज और सरल है
पर मुश्किल है जिसे समझना
और असंभव है जिसे समझाना
क्योंकि शब्द असमर्थ से हैं
और मेरी ख़ामोशी में भी वो होश नहीं
अगर तुम्हे इल्म है उसका
तो मेरा इतना भर कहना सार्थक हे,
अन्यथा सारी दुनिया
और खुद को और तुम्हें चुकाकर भी
सारे प्रयासों के बाद भी
मेरी बात अधूरी ही रहेगी ।।
अ-से
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