Apr 2, 2014

और ...

तारों की बरसात हुयी 
ढेर से चूहे जम कर बरसे 
आते ही उन्होंने शुरू कर दिया टर्राना 
और छिड़ गयी महाभारत 
उपमायें और गालियाँ बरसने लगी 
इंसान , बुद्धिमान और न जाने क्या क्या 
और छिड़ गया प्रेम 
गधे सुर से सुर मिलाने लगे 
कव्वे सरगम गाने लगे 
बरसने लगा ज्ञान 
डिग्रीयों का ढेर लगने लगा
और छिड़ गयी दोस्ती
गिद्धों और गीदड़ों के बीच
मंगल में जंगल होने लगा
शरीफाई पर कानून बरसने लगा
महान भगवान सम्मान जैसे लतीफे बनने लगे
और ...

अ-से

No comments: