आकाश अपने पास कुछ नहीं रखता ,
उसको दिया सब बिखर जाता है , वहीँ आकाश में !!
सोन चिड़ियाऐं गाती हैं सिर्फ प्रेम गीत ,
वो नहीं सुनती कोई भी बात , उनके मतलब की भी !!
अपनी हद पर खड़ा रहता है दरबान और चले जाना चाहता है ,
उसे नहीं वास्ता तुम्हारी रंगीन महफ़िल से !!
खिड़कियाँ नहीं रोकती मिलने से, भीतर और बाहर को ,
बस एक जरूरी दूरी बनाये रखती हैं !!
पता है संगदिल तुझे ,
दिल दुनिया की सबसे खूबसूरत खिड़की है ,
सबसे सचेत दरबान , सबसे फैला आकाश ,
और एक सच्ची सोन चिड़िया !!
दिल जानता है आजादी जरूरी है जीने को ,
इसलिए कुछ नहीं कहता वो तुम्हे , तुम्हे भी तो जीना है ना !! ............................. अ से अनुज ॥
उसको दिया सब बिखर जाता है , वहीँ आकाश में !!
सोन चिड़ियाऐं गाती हैं सिर्फ प्रेम गीत ,
वो नहीं सुनती कोई भी बात , उनके मतलब की भी !!
अपनी हद पर खड़ा रहता है दरबान और चले जाना चाहता है ,
उसे नहीं वास्ता तुम्हारी रंगीन महफ़िल से !!
खिड़कियाँ नहीं रोकती मिलने से, भीतर और बाहर को ,
बस एक जरूरी दूरी बनाये रखती हैं !!
पता है संगदिल तुझे ,
दिल दुनिया की सबसे खूबसूरत खिड़की है ,
सबसे सचेत दरबान , सबसे फैला आकाश ,
और एक सच्ची सोन चिड़िया !!
दिल जानता है आजादी जरूरी है जीने को ,
इसलिए कुछ नहीं कहता वो तुम्हे , तुम्हे भी तो जीना है ना !! ............................. अ से अनुज ॥
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