एक विज्ञानी ने कहा शक्तिशाली ही जीवित है ,
और सारे जीव अवसाद में आ गए ॥
प्रसन्नता का प्रकाश फ़ैलाने को प्रकट हुई अग्नि ,
उनकी ख़ुशी में जल जल मरी दुनिया सारी ॥
एक और बुद्ध निकला घर से ,
उसकी पत्नी ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया ॥
कूद पड़े पतंगे , खुदकुशी करने को ,
नहीं आया नाखुश दुनिया में खुश रहना उन्हें ॥
महाभारत पढ़कर शोक त्याग वो अशोक क्या बना ,
कि पूरा कलिंग शोकमग्न हो गया ॥
एक चंगेज और निर्मम हुआ ,
मारी गयी ममता हज़ारों की ॥
वो सिखाते रहे खुश रहने का करम ,
और हर करम को पाप बताते रहे ॥
सभी तरह की गुलामियों में सबसे वीभत्स है प्रेम ,
अनजाने ही बेगारी और दासता स्वीकार करना ॥
ज्ञान को पाने के लिए किसी भी तरह के ईश्वर की दासता नामंजूर हो ,
वो अज्ञानी ही भला जो किसी कैद में न हो ॥ .......................................... अ से अनुज ॥
और सारे जीव अवसाद में आ गए ॥
प्रसन्नता का प्रकाश फ़ैलाने को प्रकट हुई अग्नि ,
उनकी ख़ुशी में जल जल मरी दुनिया सारी ॥
एक और बुद्ध निकला घर से ,
उसकी पत्नी ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया ॥
कूद पड़े पतंगे , खुदकुशी करने को ,
नहीं आया नाखुश दुनिया में खुश रहना उन्हें ॥
महाभारत पढ़कर शोक त्याग वो अशोक क्या बना ,
कि पूरा कलिंग शोकमग्न हो गया ॥
एक चंगेज और निर्मम हुआ ,
मारी गयी ममता हज़ारों की ॥
वो सिखाते रहे खुश रहने का करम ,
और हर करम को पाप बताते रहे ॥
सभी तरह की गुलामियों में सबसे वीभत्स है प्रेम ,
अनजाने ही बेगारी और दासता स्वीकार करना ॥
ज्ञान को पाने के लिए किसी भी तरह के ईश्वर की दासता नामंजूर हो ,
वो अज्ञानी ही भला जो किसी कैद में न हो ॥ ..............................
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