Oct 16, 2013

एक विज्ञानी ने कहा शक्तिशाली ही जीवित है ,
और सारे जीव अवसाद में आ गए ॥

प्रसन्नता का प्रकाश फ़ैलाने को प्रकट हुई अग्नि ,
उनकी ख़ुशी में जल जल मरी दुनिया सारी ॥

एक और बुद्ध निकला घर से ,
उसकी पत्नी ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया ॥

कूद पड़े पतंगे , खुदकुशी करने को ,
नहीं आया नाखुश दुनिया में खुश रहना उन्हें ॥

महाभारत पढ़कर शोक त्याग वो अशोक क्या बना ,
कि पूरा कलिंग शोकमग्न हो गया ॥

एक चंगेज और निर्मम हुआ ,
मारी गयी ममता हज़ारों की ॥

वो सिखाते रहे खुश रहने का करम ,
और हर करम को पाप बताते रहे ॥

सभी तरह की गुलामियों में सबसे वीभत्स है प्रेम ,
अनजाने ही बेगारी और दासता स्वीकार करना ॥

ज्ञान को पाने के लिए किसी भी तरह के ईश्वर की दासता नामंजूर हो ,
वो अज्ञानी ही भला जो किसी कैद में न हो ॥ .......................................... अ से अनुज ॥

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